Geeta thakur

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झांसी की रानी



एक राष्ट्रवादी कवित्री ही नहीं बल्कि
एक देश भक्त महीला की पुण्य तिथि

है आज, नमन करते हम सब आपकों
१५ फरवरी १९४८था बसंत पंचमी का दिन 
जब आप इस लोक से उस परम धाम में गई।

मात्र नौ वर्ष की आयु में ही लिखी पहली कविता। नीम की रचना।
मिला पत्रिका (मर्यादा में उच्च स्थान।

हिंदी साहित्य की जगमगाती किरण रही
आपकी काव्य रचना गा गाकर हुए हम बड़े

झांसी की रानी हर बच्चे की ज़ुबानी
कदंब का पेड़,, परिचय, वीरो का वसंत

देव! तुम्हरे कई उपासक कई ढंग से आते हैं
सेवा में बहुमूल्य भेट के कई रंग लाते हैं।

आ रही हिमालय से पुकार है। वीरों का कैसा वसंत।
अंगिंत काव्य आ रहे याद।

भारत की प्रथम महिला सत्याग्रह रही।
देश की आज़ादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
ऐसी महान विभूति कवित्री को शत शत शत।🌺

गीता ठाकुर

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7 Comments

Bahut khoob 💐👍

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Milind salve

07-Oct-2022 05:08 PM

बहुत खूब

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Suryansh

07-Oct-2022 03:44 PM

बहुत ही उम्दा

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